अभिनव कुमार – छद्म रचनाएँ – 12
उत्तम कितने भी हों विचार,सार्थक तभी जब दिखे प्रभाव,झलक दिखे गर आचरण में तो,कथनी से करनी का होवे…
उत्तम कितने भी हों विचार,सार्थक तभी जब दिखे प्रभाव,झलक दिखे गर आचरण में तो,कथनी से करनी का होवे…
मैं एक हिन्दू हूं पहले मैं किन्तु परंतु था,अब मगर केंद्र बिंदु हूं,गर्व से कहता हूं कि,मैं एक हिन्दू…
देखो शेर आ गया….. सौगंध अपनी पूरी करने,देखो शेर आ गया ।राम जी को अवध लेके,अपना शेर आ गया । उसकी…
उनसे ही रोशन ये दिल है मैं रात रात भर रोता हूं,खुद रोते रोते सोता हूं,कोई पूछने भी ना है आता,इस बात…
क्या बुरा किया था ?ये तो बता दो ।बताकर कसूर,फिर बेशक सज़ा दो । अभिनव कुमार चुपचाप सह गए,तो रिश्ते रह…
काश आ जाएं फ़िर भगत सिंह काश आ जाएं फ़िर भगत सिंह,काश दहाड़े वो साहसी सिंह,भारत का होवे उद्धार,बिल…
एक ऐसी शक्ति,करे विश्व भक्ति ।एक ऐसा विश्वास,जगाए सदैव आस । एक ऐसा संकल्प,दृढ़ता बस विकल्प ।एक कर्मठ…
जिन्हें याद नहीं पूर्ण वर्णमाला,उन्हें हिंदी दिवस की शुभकामना । उपरिलिखित से मैं भी अछूता नहीं…
नमस्कार🙏🏻G20 दिल्ली शिखर सम्मेलन 2023 की सफ़लता अब जग ज़ाहिर है और इसे किसी साक्ष्य…
चंद्रयान तीन,नहीं होए यकीन,अद्भभुत उपलब्धि,एक रात और दिन ! फतह लक्ष्य महान,फूंक डाली जान,भारत ने…
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