भ्रष्टाचार की कब्र में दफन भ्रष्टाचार विरोधी आन्दोलन

अभी पिछले दिनों टीम अन्ना ने अपना अनशन यह कहते हुये खत्म कर दिया था कि, अब वे देश को राजनैतिक विकल्प देगें और तभी जन लोकपाल बन पायेगा। लेकिन अन्ना ने अचानक अपने ब्लाग में टीम अन्ना की कोर कमेटी को भंग करने की घोषणा करके सबको चैंका दिया  है।

‘‘ तंत्र ’’ से नाराज ‘‘गण’’ – गणतंत्र दिवस पर विशेष

                                  भारतीय संविधान निर्माताओं ने जब संविधान का निर्माण किया था तो उनके मन में ऐ ऐसे संविधान की कल्पना थी जिसमें तंत्र ‘ाासन और गण जनता मिलजुल कर दे’ा के निर्माण में मिल जुल कर  े कार्य करें, लेकिन वर्तमान  स्थिति का ‘ाायद उन्हें अनुमान भी नहीं   होगा कि,गण की  अपेक्षाओं पर तंत्र […]

सूरज नये साल का

सूरज नये साल का –
क्यों लगता है हमें कि,
नये साल के सूरज की पहिली किरण,
नई आशा लेकर आती है।
 क्या उसकी उर्जा, उष्णता, ओैर उजास,
 और दिनों की अपेक्षा कुछ ज्यादा होती है?

क्यों जलाते हो मुझे

क्यों जलाते हो मुझे –
‘‘ कमी’ान’’ का रावण,
‘‘ कमी’ान खोरों’’ के हाथों जल गया।
जलते जलते  कह गया,
मैंने केवल एक अपराध किया था,
सीता का हरण किया था।
सीता हरण  के बहाने राम के हाथों,

गाँधी जयंती

 गाँधी के बारे में कहा जाता है कि, गाँधी आज भी प्रासंगिक है। गाँधी एक इंसान नहीं गाँधी एक भावना है,कामना है, मनोकामना हैे। गाँधी चरखे की आत्मा है,गाँधी स्वतत्रता की परिकल्पना है, गाँधी रि’तों कर प्रगाढता है,गाँधी सादगी का प्रतीक है, गाँधी आन्दोलन है, गाँधी जन जाग्रति है, गाँधी श्रें”ठ मानव मूल्यों का प्रतिबिंब है। इसीलिये गाँधी आज भी प्रासंगिक है। गाँधी का आज भी कई जगह पूजा जाता है।

लान टेनिस खिलाडियों का विवाद औेर ओलम्पिक

‘‘क्या देश के मान सम्मान से बढ कर है, निजी स्वार्थ ’’
भारतीय खेल इतिहास में यह पहिला अवसर हैे कि, खिलाडियों ने देश के मान सम्मान को ताक पर रख कर अपने  आपसी विवाद,दुर्भावना,और व्यक्तिगत अंह को तरहीज दी है और एक दूसरे के साथ खेलने से मना कर दिया है चाहे इससे देश के लिये पदक की संंभावनाए खत्म हो जाये उनकी बला से। यह बहुत ही त्रासद स्थिति है कि ये सब लंदन ओलम्पिक के ठीक पहिले घट रहा है।

पेट्रोल की कीमतें और राजनैतिक मंच पर अभिनय

पिछले दिनों पेट्रोल की कीमतों में  बेतहा’ाा वृद्धि हुर्ई्र। स्वाभाविक हैे सभी राजनैतिक दलों का जनता के प्रति प्रेम उभर कर आ गया। सभी दल इस वृद्धि को  अपने अपने नफा नुकसान के आईने में तोलने लगें। इस पेट्ोल वृद्धि पर सबसे ज्यादा चिल्लपों मचाई प’िचम बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बेनर्जी ने। वे इस अवसर को सबसे पहिले अपने राजनैेतिक लाभ के रुप में भुनाने में लग गई गोया जनता की सबसे बडी हमदर्द वे हींं हों। इससे पहिले कि, वामदल अपनी कोई रणनीती तैयार करें ममता ने कोलकाता की सडकों पर रेली निकाल कर अपना विरोध प्रदर्’ान किया।

श्रेष्ठ चरित्र अभिनेता थे, ए.के. हंगल

पिछले दिनों भारतीय सिनेमा ने बहुत कुछ खोया है। पहिले दारासिंह फिर भारतीय सिनेमा जगत के पहिले सुपर स्टार राजेश खन्ना और अब श्रेष्ठतम चरित्र अभिनेता ए.के. हंगल नहीं रहें। उन्हें 25 अगस्त की देर रात्रि को मुम्बई के सान्ताकू्रज के आशा पारिख हास्पिटल में भर्र्ती कराया गया था। पिछले दिनों गिर जाने से उनकी कूल्हें की हडडी टूट गई थी जिसके ऑपरेशन के दौरान कुछ अन्य वृद्धावस्था जन्य बीमारियों का पता चला जिनसे वे पिछले कुछ समयं से जूझ रहे थे तथा अभिनय से दूर थे। पिछले दिनों में वे एक निजी चेनल पर प्रसारित हो रहे सीरियल मधुबाला में दिखे थे जिसमें उन्होंने एक नवजात लडकी का ‘मधुबाला’ नामकरण किया था।

‘‘आचार्य श्री जिनकान्तिसागरसूरि’’ अनुभूति, अभिव्यक्ति

आचारांग सूत्र की एक पंक्ति हैः- पणया वीरा महाविहिं(1@20) अर्थात् वीर पुरु”ा ही महापथ पर गतिमान हो सकते है। त्यागपथ महापथ है, संयम मार्ग महामार्ग है। जो पथ आत्मा को परमात्मा तक पहुॅचा दे, वह महापथ। जो मार्ग आत्मा को अनावृत कर उसके ‘ाुद्ध-‘ाुभ््रा स्वरुप को प्रत्यक्ष कर दे, वह महामार्ग। त्याग के इस महान किन्तु कंटकाकीर्ण,स्वच्छ किन्तु क”ट पूर्ण पथ पर जो अग्रसर हो जाता है, वह महापथ का पथिक कहलाता है।